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NAAC की नई मूल्यांकन प्रणाली एवं बाइनरी एक्रेडिटेशन की तैयारियों को लेकर IQAC की बैठक आयोजित।

Published on: 07 Oct 2026

इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर, रेवाड़ी के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) द्वारा राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) की तैयारियों के संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में IQAC के निदेशक प्रो. विकास बत्रा, NAAC के समन्वयक प्रो. पंकज कुमार त्यागी, उप-समन्वयक NAAC तथा सभी दस मानदंडों (Criteria) के समन्वयकों ने भाग लिया।

बैठक में जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के डॉ. संदीप ग्रोवर, जो आईजीयू IQAC के सलाहकार भी हैं, ने NAAC के नए प्रारूप के अंतर्गत प्रस्तावित बाइनरी एक्रेडिटेशन (Binary Accreditation) की प्रक्रिया, विभिन्न मानदंडों तथा NAAC की तैयारियों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की। उन्होंने विश्वविद्यालय में NAAC की तैयारियों को व्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक कार्यप्रणाली (Modus Operandi) पर विस्तार से चर्चा की।

डॉ. संदीप ग्रोवर ने NAAC के अंतर्गत निर्धारित विभिन्न मानदंडों के बारे में विस्तार से बताया। इनमें पाठ्यक्रम (Curriculum), संकाय संसाधन (Faculty Resources), आधारभूत संरचना (Infrastructure), वित्तीय संसाधन (Financial Resources), शिक्षण एवं अधिगम (Learning and Teaching), विस्तारित पाठ्यचर्या सहभागिता (Extended Curricular Engagement), शासन एवं प्रशासन (Governance and Administration), छात्र परिणाम (Students Outcome), अनुसंधान एवं नवाचार (Research and Innovation), तथा स्थिरता परिणाम एवं हरित पहल (Sustainability Outcomes and Green Initiatives) प्रमुख हैं। उन्होंने प्रत्येक मानदंड के प्रभावी क्रियान्वयन, आवश्यक दस्तावेजों के संधारण तथा प्रमाणिक आंकड़ों के व्यवस्थित संकलन पर विशेष जोर दिया।

उन्होंने विश्वविद्यालय के सभी शिक्षकों को VIDWAN पोर्टल पर पंजीकरण सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। इसके साथ ही Shodhganga, ShodhChakra एवं ShodhGangotri जैसे शोध संबंधी महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्मों के उपयोग एवं उनके माध्यम से विश्वविद्यालय की शोध गतिविधियों को सुदृढ़ करने के संबंध में भी जानकारी प्रदान की गई।

डॉ. ग्रोवर ने कहा कि NAAC की नई प्रणाली में संस्थान द्वारा किए जा रहे कार्यों का व्यवस्थित दस्तावेजीकरण, गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक एवं शोध गतिविधियां, पारदर्शी प्रशासन तथा प्रमाण-आधारित सूचना का संधारण अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी संबंधित समन्वयकों से आपसी समन्वय के साथ निर्धारित मानदंडों के अनुरूप तैयारियों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का आह्वान किया।

बैठक के अंत में IQAC के निदेशक प्रो. विकास बत्रा ने डॉ. संदीप ग्रोवर तथा बैठक में उपस्थित सभी अधिकारियों एवं समन्वयकों का आभार व्यक्त करते हुए औपचारिक धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी संबंधित सदस्यों के सामूहिक प्रयासों से विश्वविद्यालय NAAC की नई मूल्यांकन प्रणाली के अनुरूप प्रभावी एवं सुदृढ़ तैयारियां सुनिश्चित करेगा।